विचारों का निर्माण ही भविष्य फल का आधार है।
रिपोर्ट - सुरेश विश्वकर्मा मंडल ब्यूरो महोबा।
शरीर एक गाड़ी के समान है, और आत्मा इंजन।
महोबा ब्रह्मकुमारीज सद्भावना भवन में 5 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों के समर कैंप का आज शुभारंभ हुआ ।
समर कैम्प आयोजन महोबा मे 70 बच्चों ने आकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ लिया।
महोबा क्षेत्र प्रभारी आदरणीय राजयोगिनी बीके सुधा बहनजी ने सभी नन्हे मुन्ने बच्चों को स्वयं की पहचान में बताया की मैं एक चैतन्य शक्ति आत्मा हूं ।
जो इस शरीर को अपनी सोच का फर्क बताते हुए कहा की आज हम जैसा सोचेंगे कल हम वैसा बन जायेंगे।
इसलिए सदा ही श्रेष्ठ सोचना है और एक महान युवक बनना है।
इसके लिए सर्व प्रथम सभी को गुस्सा , चुगली, चिड़चिड़ापन , रूठना इन सबको सबसे पहले त्याग करना होगा।
तभी हमें सब प्यार करेंगे और हम जैसा चाहे वैसा बन जायेंगे।
इसके बाद सभी बच्चों को बीके रागिनी बहन , बीके साधना बहन एवम बीके रिचा बहन ने गाना के माध्यम से एक्टिविटी कराई।
वही राठ रोड प्रजापति बृम्ह् कुमारी सद्भावना साधना केन्द्र महोबा में समर कैम्प के माध्यम से समस्त छोटे छोटे बच्चों को शर्बत, बिस्किट खिलाकर प्रत्येक बच्चे को उत्साहित किया।
आदरणीय राजयोगिनी बी के सुधा बहन जी ने समर कैम्प आयोजन में उपस्थित श्रोताओं को अपनी ओजस्वी विचार वाणी से आनंदित किया।



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