मच्छरगांवा कंस वंध मेला को लेकर तैयारी हुआ जमकर
ब्यूरो चीफ पश्चिमी चंपारण
बेतिया के योगापर्टी के मच्छरगांवा बाजार में कृष्ण जन्माष्टमी के बाद चतुर्दशी को 160 वर्षों से कंस वध की परंपरा आज भी चली आ रही है इस अवसर पर बड़ा मेला भी लगता है इस बार 13 सितंबर को मेले एवं कंस वध की तैयारी की जा रही है श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति की ओर से इसकी तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है वध के लिए कंस अन्य प्रतिभा का निर्माण गांव की ही कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा है चतुर्दशी के अवसर पर रमना खेल मैदान में कंस सी प्रतिमा स्थापित की जाएगी यहां दो ब्राह्मण कुमार कंस वध करेंगे वे दोनों कृष्ण एवं बलिराम की प्रतीक होते हैं उनके तीर चलाने के बाद मेले में मौजूद हाथी कंस कि प्रतिमा को मैदान के एक छोर से दूसरे छोर तक घसीटते ले जाती है इस पल को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मैदान में जुड़ते हैं उसके बाद वहां रंग संस्कृति कार्यक्रम भी होते हैं मच्छरगांवा बाजार में कंस वध मेला 1862 ईस्वी में श्री राधा कृष्ण मंदिर निर्माण के साथ लगना शुरू हुआ था तब से यह परंपरा बन गई गांव के लोगों का मेला लगाने मे बहुत सहयोग होता है 7 दिनों तक लगने वाले मेले में दूर-दूर से व्यापारी आकर दुकान लगाते हैं कंस वध के दूसरे दिन गांव के ही अंबेडकर चौक पर कुश्ती प्रतियोगिता कराने की परंपरा है इसमें बनारस लखनऊ अयोध्या नेपाल पटना और भी जगह से पहलवान आते हैं और कुश्ती दिखाते हैं इस बार भी इसकी तैयारी की गई है जीतने वाले पहलवान को नगद इनाम देने की परंपरा है और इस कंस वध मेला में सबसे अहम भूमिका लौरिया विधानसभा विधायक विनय बिहारी का रहता है

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