हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया कंस वध मेला
हजारों की संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
ब्यूरो चीफ पश्चिमी चंपारण
बेतिया के योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा नगर पंचायत के रमना में बुधवार को कंस वध मेला का आयोजन हुआ। इस अवसर पर कंस की विशालकाय प्रतिमा बनाई गई थी, जिसे देखने के लिए दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ जमा हो गई। कंस की इहलीला समाप्त करने की दृश्य देखने को लोगों में काफी उत्सुकता देखी गयी। तीर के प्रहार से घमंडी कंस का वध किया गया। इस अवसर पर लोगों ने कहा कि कंस मेला प्रत्येक वर्ष आयोजन होता है । इससे समाज में असत्य पर सत्य का विजय का संदेश फैलाने का प्रयास किया जाता है। तथा बुराई पर अच्छाई की जीत अत्याचारियों का कभी ना कभी अंत होना आदि संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होती है वहां उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि।मच्छरगांवा बाजार में कृष्ण जन्माष्टमी के बाद चतुर्दशी को 160 वर्षों से कंस वध की परंपरा आज भी चली आ रही है इस अवसर पर बड़ा मेला भी लगता है श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति की ओर से इसकी तैयारी जमकर कि गई है कंस वध के लिए कंस अन्य प्रतिभा का निर्माण गांव की ही कुछ लोगों द्वारा किया गया है चतुर्दशी के अवसर पर रमना खेल मैदान में कंस सी प्रतिमा स्थापित किया गया तथा यहां दो ब्राह्मण कुमार कंस वध किए वे दोनों कृष्ण एवं बलिराम की प्रतीक थे उनके तीर चलाने के बाद मेले में मौजूद हाथी कंस कि प्रतिमा को मैदान के एक छोर से दूसरे छोर तक घसीटते ले गई इस पल को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मैदान थे उसके बाद वहां रंग संस्कृति कार्यक्रम भी हुआ मच्छरगांवा बाजार में कंस वध मेला 1862 ईस्वी में श्री राधा कृष्ण मंदिर निर्माण के साथ लगना शुरू हुआ था तब से यह परंपरा बन गई गांव के लोगों का मेला लगाने मे बहुत सहयोग होता है 7 दिनों तक लगने वाले मेले में दूर-दूर से व्यापारी आकर दुकान लगाते हैं कंस वध के दूसरे दिन गांव के ही अंबेडकर चौक पर कुश्ती प्रतियोगिता कराने की परंपरा है इसमें लखनऊ अयोध्या नेपाल पटना और भी जगह से पहलवान आते हैं और कुश्ती दिखाते हैं इस बार भी इसकी तैयारी की गई है जीतने वाले पहलवान को नगद इनाम देने की परंपरा है

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