-->
चयनमुक्त के खौफ से बालविकास कार्यालय पहुंचकर लगभग 80 सेविकाओं ने योगदान दिया।

चयनमुक्त के खौफ से बालविकास कार्यालय पहुंचकर लगभग 80 सेविकाओं ने योगदान दिया।

 




लौरिया,आशीष मीडिया प्रभारी, पश्चिमी चंपारण,बिहार।



लौरिया स्थानीय बालविकास कार्यालय में पहुंचकर सेविकाएं और सहायिकाएं सीडीपीओ को आवेदन पत्र देकर पुन अपने केंद्र पर जाकर केंद्र को सुचारू रूप से संचालन करने की बात कही है।

सेविकाओं और सहायिकाओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के बावजूद सरकार ने इनकी मांगो के आगे नहीं झुकी।

वहीं कुछ जगहों से सेविकाओं के चयनमुक्त्त की खबर से सेविकाएं थोड़ा भयभीत हो गई हैं। 


गुरुवार तक 54 सेविकाओं ने पुन योगदान दे दिया है। इस पर प्रभारी प्रखंड बालविकास पदाधिकारी पूनम कुमारी ने बताया कि सभी सहायिका और सेविकाएं विगत 29 सितंबर से अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई थी। अन्य शेष सेविकाओं को भी कहा गया है कि वे अविलंब अपने केन्द्र का संचालन सुचारू करें,अन्यथा उन पर विभागीय कारवाई की जा सकती है। इधर कार्यालय द्वारा सेविकाओं को कहा गया कि जांच में सभी जगहों पर यदि सदुपयोग नहीं किया गया तो आप पर उसी समय एक्शन लिया जाएगा और दूध का पॉकेट वितरण किया गया और उन्हें हिदायत भी दी गई कि यह दूध लाभुकों को मिलना चाहिए।

0 Response to "चयनमुक्त के खौफ से बालविकास कार्यालय पहुंचकर लगभग 80 सेविकाओं ने योगदान दिया। "

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article