-->
डाँक्टरो के अभाव मे भटकते रहे मरीज पीएचसी मे साढे दस बजे तक नही थे डाँक्टर!बैरिया पo चंपारण

डाँक्टरो के अभाव मे भटकते रहे मरीज पीएचसी मे साढे दस बजे तक नही थे डाँक्टर!बैरिया पo चंपारण




त्रिलोचन शरण मिश्रा संपादक बिहार/



एक ओर तापमान लगातार चालीस डिग्री सेल्सियस के पार हो जा रहा है । जिससे गर्मी जनित रोगों का फैलाव बढने लगा है । वही दूसरी तरफ इस आग उगलते सूरज की तपिश मे मरीज पीएचसी मे इलाज के लिए भटकने को विवश व लाचार थे । जख्मी मरीजो का तो एएनएम ही डाँक्टर के रोल मे इलाज कर रही थी । यह कोई आरोप या उक्ति नही है । बल्कि यह दृश्य गुरूवार को पीएचसी मे दिखा । हालांकि सूचना मिलते ही पीएचसी प्रभारी डाँक्टर मिथिलेश चन्द्र सिन्हा ने तुरंत डाँक्टर को तैनात करा दिया । क्योंकि आज जिनकी ड्यूटी थी । वे डाँक्टर एकाएक कोर्ट मे कोई आवश्यक कार्यो से चले गये थे । इधर इलाज कराने पहुँचे मारपीट मे जख्मी तिलंगही निवासी गोरख साह के परिजनों का कहना था कि अमृत साह भिखारी साह आदि के साथ जमीनी विवाद मे मारपीट हुई है । एएनएम पट्टी आदि कर दी है । मगर, डाक्टर नही होने से इलाज के लिए भटकने रहे है । क्योंकि पीएचसी मे साढे दस बजे तक कोई डाँक्टर ही नही था । जिससे मरीज कभी आउटडोर कक्ष तो कभी बाहर के वेटिंग शेड मे बैठ कर इलाज कराने के लिए चिकित्सको का इंतजार कर रहे थे । वही वायरल बुखार, सर्दी खांसी , गर्मी के कारण चर्म रोग आदि से पीड़ित दर्जनो मरीजो इलाज कराने आए थे । इस जानलेवा गर्मी मे भी एलर्ट मोड मे स्वास्थ्य विभाग नही है । जो असंवेदनशीलता को ही दर्शाता है । माले नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि इस तरह की लापरवाही काफी गंभीर मामला है ।क्योंकि इस समय काफी गर्मी पड रही है । जिससे कई तरह के गर्मी जनित रोगों से लोग पीडित है।मगर उनका बेहतर इलाज ससमय नही होने पर कई तरह के खतरे बढ सकता है । पीएचसी प्रभारी डाँक्टर मिथिलेश चन्द्र सिन्हा ने कहा कि ड्यूटी वाले डाँक्टर कोर्ट एकाएक चले गये । मगर तुरंत दूसरे डाँक्टर द्वारा आये मरीजो का इलाज शुरू कर दिया गया । 






अवैध नर्सिग होम बेखौफ़ चल रहा 

बैरिया 

इस समय बैरिया मे अवैध नर्सिग होम की बाढ आ गयी है । दवा विक्रेता भी कथित रूप से फीजीसियन व सर्जन का काम कर लोगो से मनमानी उगाही कर रहा है । सबसे बडी बात यह है कि प्रखंड मुख्यालय के आस पास ही ऐसे बेखौफ़ नर्सिग होम चल रहा है । यही नही बिना लाइसेंस लिए भी अंधाधुंध डुप्लीकेट दवा बेची जा रही है । क्योंकि इन दवा दुकानो व अवैध नर्सिग होम की जांच तक विभागीय अधिकारियों द्वारा नही किया गया है । जो कई तरह के सवाल खडे कर रहे है । 



पीएचसी के कर्मी ही भेजते है प्राइवेट क्लीनिक मे


बैरिया 

आश्चर्य की बात यह है कि इसी पीएचसी के कुछ कर्मी ही प्राइवेट क्लीनिक व नर्सिग होम मे मरीजो को भेजते है । एक ने तो नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि इसी पीएचसी का कर्मी थाना चौक के आस पास खुले क्लीनिक व अवैध नर्सिग होम मे ले जाते हैं । जहां उस कर्मी को उस क्लीनिक से कमीशन भी मिलता है । जिसका ही कारण है कि इस समय पीएचसी से ज्यादा लोग इन प्राइवेट क्लीनिक मे जा रहे है । क्योंकि जब पीएचसी मे समय से डाक्टर साहब नही रहेंगे तो मरीज बेचारा क्या करेगा ? लाचारी मे उसे बाहर दिखाना पड जाता है ।

0 Response to "डाँक्टरो के अभाव मे भटकते रहे मरीज पीएचसी मे साढे दस बजे तक नही थे डाँक्टर!बैरिया पo चंपारण "

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article