शिक्षा विभाग और प्रधानाध्यापक की गलती से 953 छात्राओं की परीक्षा पर संकट
लोग कर रहें उच्च स्तर पर जाँच की मांग
निखिल राज ब्यूरों चीफ रक्सौल /स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजकीय कस्तूरबा कन्या उच्च विद्यालय रक्सौल मे प्रधानाध्यपक की गलती से इंटरमिडियट की दो सौ दस (210) एवं मैट्रिक की सात सौ तैतालिस (743)क्षात्राओं की परीक्षा अधर मे है। प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय की सभी शिक्षको कि मिलीभगत से अवैध रूप से इंटर की छत्राओं से फॉर्म भरने के नाम पर 1500 रुपए /सभी कोटि के बालिकाओं से वसूल किए गए और मैट्रिक की क्षात्राओं से फॉर्म भरने के नाम पर 1010/रूपये सभी कोटि की बालिकाओं से वसूल किए गए। वहीं अवैधरूप से वसूल किया गया रूपया सभी क्लास टीचर ने आधा रुपया रख कर आधा रुपया प्रधानाध्यापक को दिए,मामले के बारे में समाजसेवी व अभिभावक ने पूछताछ की तो शिक्षक जवाब नहीं दे रहें है।लोगों का कहना है की कस्तूरबा की बालिकाओं के साथ धोखा क्यों? इससे इंटर और मैट्रिक की 210+743=953 छात्राओ की भविष्य अधर मे लटकी हुई है जबकि छात्राओकी कोई गलती नहीं है शिक्षाविभाग इन सभी बालिकाओं का एग्जाम ससमय ले जिससे इनसभी बालिकाओं की एक साल का समय बर्बाद न हो और डीपरेशन से सभी छात्राए बची रहे, लोगों की माँग है इस पर शिक्षा मंत्री और बिहार इंटरमीडियट एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति इन बालिकाओं की भविष्यऔर समय को ध्यान मे रखते हुए परीक्षा ले। और राजकीय कस्तूरबा कन्या उच्च विध्यालय के प्रध्यानाध्यापक और साइबर की निष्पक्ष जांच करे साथ ही भविष्य मे फिर एसी गलती न हो जिसके लिए डाटाइंट्री अपरेटर को विध्यालय स्तर पर नियुक्ति करे, तभी सब संम्भव हो सकेगा।

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