थाना परिसर में हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया 75वा गणतंत्र दिवस
ब्यूरो चीफ पश्चिमी चंपारण
योगापट्टी थाना परिसर में 75वा गणतंत्र दिवस का उल्लास देखने को मिला थाना प्रभारी मनोज कुमार प्रसाद ने बताया कि। देशभक्ति से ओत-प्रोत होकर लोगों ने तिरंगे को सलाम किया। गौरवशाली संविधान और विविधताओं से भरे राष्ट्र की एकता को सबने सराहा। सुबह से ही लोगों में इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने का जोश देखा जा रहा है। इस मौके पर देशभक्ति की भावना में डूबकर लोगों ने अपने-अपने अंदाज में इस राष्ट्रीय जश्न को मनाया। इस दौरान लोगों में गजब का उत्साह रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों में गणतंत्र दिवस मनाने में जुटे रहे हैं। योगापट्टी के अलग अलग इलाकों में सामाजिक संस्थाओं ने गणतंत्र दिवस को धूम-धाम से मनाया। हाथों में तिरंगा और चेहरे में खुशी के इजहार करते हुए लोग एक दूसरे को बधाइयां दे रहे थे। तिरंगे के रंगों से सजे सुंदर परिधान पहनकर बच्चे अपने देश के गणतंत्र को बड़ों से समझने को प्रयास कर रहे थे। यह ऐसा मौका था जब लोगों ने दिलों में देश से जुड़ी भावनाओं को खुलकर व्यक्त किया। वही बलुआ भवानीपुर पंचायत के राजकीय बुनियादी विद्यालय बलुआ में झंडा तोलन किया गया इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य वसी अख्तर ने बताया कि।आज का दिन हम सबके लिए गौरव और हर्ष का दिन है. वो दिन, जिस दिन हमारे पूर्वजों के अथक संघर्ष और बलिदानों से, 74 साल पहले, हमने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की थी. एक ऐसी जमीन, जहाँ हर नागरिक को, चाहे वो किसी भी धर्म, जाति या भाषा का हो, समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है.इस पावन अवसर पर हमें उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना चाहिए, जिनके हौंसलों और त्यागों के बिना ये पावन स्वतंत्रता का सूर्योदय कभी न होता. वो वीर सपूत जिन्होंने अंग्रेजों के सदियों के जुल्म के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया, जिन्होंने जेलों की यातनाएं सहीं, फांसी के तख्ते पर हंसते-हंसते चढ़े, और अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह अनमोल आज़ादी दिलाई.लेकिन आज़ादी मिलना ही काफी नहीं था, उसे संजोना भी अति आवश्यक था. और इसीलिए हमारे संविधान निर्माताओं ने वो दिव्य दस्तावेज़ रचा, जिसने हमारे गणतंत्र को मजबूत आधार दिया. डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, राजेन्द्र प्रसाद चंद्रशेखर आजाद सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महापुरुषों की सूझबूझ और दूरदर्शिता ने हमें संविधान का वो प्रकाशस्तंभ दिया, जो हमें लोकतंत्र के अंधकार से निकालकर न्याय, समानता और भाईचारे के उजाले में लाता है.संविधान, वो आधारशिला है जिस पर हमारा लोकतंत्र टिका हुआ है. वो कवच है जो हर नागरिक को अन्याय के तीरों से बचाता है. वो पवित्र ग्रंथ है जो हमें हमारे कर्तव्य का बोध कराता है. हमें ये याद दिलाता है कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी आती है. हमें भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी, शिक्षा का दीप जलाना होगा,और एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लेना होगा.इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी और देशभक्ति गीत की प्रस्तुति के बीच नाटक पेश कर सामाजिक संदेश दिया। स्कूल तिरंगा रंग में रंगा नजर आया। बच्चों को गणतंत्र दिवस का महत्व बताया गया। तथा बलुआ बहुउद्देशीय भवन में मुखिया इंदु देवी पति भोला राम के द्वारा झंडा तोलन किया गया और वहां उपस्थित वरिय शिक्षक रामविलास सर हीरालाल सर हंसराज सिंह रविंद्र प्रसाद चंचल यादव नंदप्रकाश कुशवाहा अंशु सर श्रीमती कुमारी निशा श्रीमती सायरन कुमारी और भी बहुत से बच्चे व लोग उपस्थित रहे


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