कृषि विज्ञान केंद्र माधवपुर में वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
बेतिया आशीष जिला मीडिया प्रभारी पश्चिमी चंपारण बिहार।
मझौलिया प्रखंड अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक द्वारा पीला चिपचिपा कीट फांस का प्रदर्शन किसानों के सरसों के खेत में किया गया इसकी जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर अभिषेक प्रताप सिंह ने देते हुए बताया कि
सरसो मे माहू कीटों से निपटने के लिए स्टिकी ट्रैप का उपयोग करना एक बहुत ही सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। हानिकारक रसायनों से मुक्त होने के कारण स्टिकी ट्रैप का उपयोग करना किसान भाइयों के लिए सुरक्षित है।
इस अभ्यास के अंतर्गत कीटों को पकड़ने और उन्हें गतिहीन करने के लिए गोंद आधारित ट्रैप (जाल) का उपयोग किया जाता है। स्टिकी ट्रैप में आमतौर पर चिपचिपे गोंद की एक परत के साथ कार्डबोर्ड होते हैं। स्टिकी ट्रैप में कुछ कीटों जैसे माँहु कीट, सफ़ेद मक्खी और लीफमाइनर को लुभाने के लिए विशेष प्रकार की गंध भी शामिल होती है। इसका उपयोग कीटों की संख्या में कमी लाने और पौधों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर धीरू तिवारी समेत प्रगतिशील किसान उपस्थित थे

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