सीमांचल क्षेत्र में गिरते पारे ने बढाई कनकनी, कपकपाती ठंड से बचने के लिए अलाव सेकते दिखे लोग
बुधवार, 17 जनवरी 2024
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पूर्णिया ब्यूरो चीफ अमित कुमार
भारतवर्ष ऋतु प्रधान देश है, अलग-अलग समय पर अलग-अलग ऋतु उनकी विशेषता है। पुस की सर्दी अपने आप एक ऐसा एहसास है की प्रकृति की अपनी मनमानी सी दिखती है। लगातार गिरते पारे व सर्द हवाओं वाले इस महीने में ठिठुरन ने सभी को कपकपाने पर मजबूर कर दिय जगह जगह पर लोग अलाव का सहारा लेकर अपनी रक्षा कर रहे हैं। इस समय आग अमृत तुल्य हो जाती है। सूर्यनारायण कई कई दिनों तक दर्शन नहीं दे रहे हैं ऐसे में जानमानस की मुशिकले और बढ जाती है। ऐसे समय में गर्म कपड़े और अलाव ही काम आते हैं।

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