स्कूली बच्चों ने क्षेत्र भ्रमण विधि से किया फसलों का अध्ययन
विक्की कुमार ब्यूरो चीफ पूर्वी चंपारण
आदापुर।(UPN) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रुपरेखा -2005 के अनुसार बच्चों के लिए शिक्षण विद्यालयों की चहारदीवारी से बाहर भी कराया जाना है। बस इसकी एक बानगी दरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत यूएमएस बीएमसी पीपरा उर्दू में सोमवार को दिखाई दी, जब स्कूल की चहारदीवारी से दूर खेतों में बच्चों ने फसलों का अवलोकन एवं प्रेक्षण किया। बच्चों का नेतृत्व शिक्षक शिव शंकर गिरि ने की। बता दें कि बच्चों ने स्कूल के नजदीक के खेतों में आलू, खीरा, धनिया, मिर्च, लहसुन, प्याज, गोभी आदि का अवलोकन किया। वहां उन्होंने बोआई, निराई, सिंचाई आदि के महत्व को व्यवहारिक ढंग से समझा। बच्चों को बताया गया कि आलू एक जड़ सब्जी है जिसके तना को खाया जाता है।
उक्त बाबत प्रधानाध्यापक मरगुब आलम ने बताया कि व्यावहारिक ज्ञान अक्सर व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से किसी अवधारणा की गहरी समझ की ओर ले जा सकता है। यह सीखे गए ज्ञान को वास्तविक जीवन स्थितियों में कैसे लागू किया जाना चाहिए,का ज्ञान कराता है। मौके पर फैसल रहमान, आबिद आलम, खुशी आलम, साबीर आलम, सौहैल आलम, ईरशाद आलम, नूरसाबा खातून, सानिया अंजुम, रेशमा खातून, शबाना खातून, प्रियांशु कुमारी, निक्की कुमारी, शबनम खातून, गुलनाज खातून सहित दर्जनों बच्चे मौजूद थे।

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