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 प्रो. (डॉ.) स्वयंभू शलभ की छठी किताब ’संस्कृति के सोपान’ का लोकार्पण संपन्न

प्रो. (डॉ.) स्वयंभू शलभ की छठी किताब ’संस्कृति के सोपान’ का लोकार्पण संपन्न



निखिल राज स्टेट मीडिया प्रभारी बिहार /बीते बुधवार को केसीटीसी कॉलेज, रक्सौल के सभागार में आयोजित महापंडित राहुल सांकृत्यायन के जयंती समारोह के अवसर पर प्रो. डॉ. स्वयंभू शलभ की छठी किताब ’संस्कृति के सोपान’ का लोकार्पण प्रो. डॉ. रविंद्र कुमार रवि (पूर्व कुलपति– बीआरए बिहार विश्वविद्यालय), प्रो. डॉ. सतीश कुमार राय (संकायाध्यक्ष– मानविकी, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय), प्रो. डॉ. अनिल कुमार सिन्हा (सदस्य – बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग), प्रो. डॉ. राजीव कुमार (कॉलेज निरीक्षक – कला), प्रो. डॉ. मंजरी वर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष– राजनीति विज्ञान), प्रो. डॉ. संत साह (प्राचार्य – केसीटीसी कॉलेज), प्रो. डॉ. हरिंद्र हिमकर (पूर्व विभागाध्यक्ष), डॉ. अनीता सिन्हा (पूर्व प्राचार्या), डॉ. सत्यदेव सुमन एवं कविवर डॉ. गोरख मस्ताना के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।यात्रा संस्मरण की इस किताब के विषय में बताते हुए डॉ. शलभ ने कहा कि यह किताब भारत के अलग अलग प्रदेशों में स्थित प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को एक लेखक की दृष्टि से देखने समझने और उस अनुभव को एक शब्दचित्र के रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रयास है। आगे कहा कि विविध कला संस्कृति, अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य और इस भूमि के कण कण में विद्यमान आध्यात्मिक भाव को समझे बगैर इस देश को नहीं समझा जा सकता। यात्राएं हमें देश के गौरवशाली इतिहास, उसकी परंपरा और संस्कृति को करीब से जानने समझने का अवसर देती हैं।गौरतलब है कि इससे पूर्व डॉ. शलभ की पांच किताबें प्रकाशित हैं जिनमें 'प्राणों के साज पर', 'अंतर्बोध' व 'श्रृंखला के खंड' (कविता संग्रह), 'अनुभूति दंश' (गजल संग्रह) और 'कोई एक आशियाँ' (कहानी संग्रह) शामिल हैं।

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