लौरिया प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी तालाबों में मछली मारने पर 7 नवंबर तक लगी रोक।
लौरिया, प च,बिहार।
संवादाता आशीष।
बिहार जलकर प्रबंधन अधिनियम की धारा 17 के तहत आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई।
7 नवंबर को सीमित डाक के माध्यम से होगी बंदोबस्ती।
उच्च बोली लगाने वाले सदस्यों को मिल सकता है तालाब में मछली मारने का अधिकार।
आयुक्त न्यायालय तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के द्वारा सैरात अपील वाद संख्या 241/23 की सुनवाई करने के बाद न्यायिक आदेश संख्या 3077 दिनांक 5/10/ 2023 जारी कर लौरिया प्रखंड क्षेत्र के सभी तालाब एवं जलकारों की बंदोबस्ती रद्द करते हुए सीमित अथवा खुला डाक के माध्यम से बंदोबस्ती करने का आदेश दिया गया है।आयुक्त न्यायालय मुजफ्फरपुर के आदेश के बाद जिला मत्स्य पदाधिकारी पश्चिमी चंपारण द्वारा लौरिया प्रखंड क्षेत्र के सभी 43 मत्स्य जलकरो पर तत्काल प्रभाव से मत्स्य पालन एवं शिकार माही पर रोक लगा दी गई है। तथा जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा पत्र जारी कर साठी और लौरिया थानाध्यक्ष से सरकारी तालाब एवं जल करो पर अवैध रूप से मत्स्य पालन एवं शिकार माही पर रोक लगाने का आदेश पत्र निर्गत किया गया है। नाम नहीं छापने की शर्त पर मत्स्य पालन विभाग से जुड़े लोगों के द्वारा बताया गया की अवैध रूप से सरकारी तालाब एवं जलकारों में मत्स्य पालन या शिकार माही करने पर बिहार जलकर प्रबंधन अधिनियम की धारा 17 के तहत कार्यवाही हो सकती है।इसके बावजूद अगर कोई भी व्यक्ति शिकार माही करता है तो जुर्माना के साथ कैद की सजा भी हो सकता है। जो की एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
मालूम हो कि मत्स्य जीवी सहयोग समिति के मंत्री वीरेंद्र चौधरी द्वारा आयुक्त न्यायालय में गलत बंदोबस्ती के खिलाफ किए गए अपील में जिला मत्स्य कार्यालय पश्चिम चंपारण बेतिया से बंदोबस्ती आदेश संख्या 1279 /10 /6 /2023 को आयुक्त न्यायालय द्वारा निरस्त कर बिहार जलकर प्रबंधन अधिनियम की धारा 7 (IX) के आलोक में सरकारी रजत सहित में सीमित अथवा खुली डाक से नियमानुसार बंदोबस्ती करने का निर्देश जारी किया गया है।

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