अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी दोस्त ही निकले कातिल 48 घंटों में आरोपी पहुंचे जेल
एसपी अभिजीत रंजन द्वारा प्रेस वार्ता में किया गया खुलासा
कटनी : पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अभिजीत कुमार रंजन (भा.पु.से.) के निर्देशन में श्रीमान् अति. पुलिस अधीक्षक महोदय श्री संतोष डेहरिया एवं श्रीमान् नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी एन. के.जे. कटनी को टीम गठित कर हत्या के आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
विवरण- सूचनाकर्ता मुकेश ठाकरे द्वारा दिनांक 16.08.2024 को थाना उपस्थित आकर अपने चाचा शिवरतन ठाकरे पिता यदोराव उम्र 37 वर्ष निवासी थाने गांव तह. बारासिवनी जिला बालाघाट हाल पता शिवदर्शन नगर चालीस गांव महाराष्ट्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट लेख कराया जिसकी रिपोर्ट पर थाना एन.के.जे. कटनी में गुमइंसान कायम कर जाँच में लिया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया गया। श्रीमान् पुलिस अधीक्षक, अति पुलिस अधीक्षक कटनी के निर्देशन एवं श्रीमान् नगर पुलिस अधीक्षक के मार्ग दर्शन पर टीम गठित किया गया। टीम द्वारा गुमशुदा की मूवमेन्ट का अवलोकन किया गया एवं लगभग 50 सीसीटीव्ही कैमरों की फुटेज चेक किये गये। गुमशुदा के भतीजे मुकेश ठाकरे के कथन लेख किये गये जो अपने कथनो में संदेह जाहिर करते हुए बताया कि चाचा के साथ पूर्व में काम करने वाले किशन तिवारी एवं उसका चचेरा भाई विवेक उर्फ राज तिवारी की कार में मेरे चाचा को बैठा कर ले गये है मुझे अंदेशा है की मेरे चाचा के साथ कुछ गलत न कर दिये हो जो इस आधार पर दोनो संदेहियों पर संदेह और सूद्रढ होने के बाद संदेही विवेक उर्फ राज तिवारी एवं किशन तिवारी से कड़ाई से पूछताछ की गई जो अपने जुर्म को स्वीकारते हुए बताये कि बैंक से शिवरतन को अपनी गाड़ी में बैठाकर किशन तिवारी ने चलती गाड़ी में शिवरतन से अपने पैसों की मांग की जो शिवरतन द्वारा पैसे देने में आना कानी करने पर किशन तिवारी एवं शिवरतन का विवाद हो गया जिसके बाद सुर्खी टैंक के पास किशन तिवारी के इसारें पर विवेक उर्फ राज तिवारी द्वारा अपने हाथो से गाड़ी में आगे बैठे शिवरतन ठाकरे का गला पकड़कर धारदार चाकू से दो तीन बार गला रेता गया एवं जब शिवरतन ठाकरे हाथ पैर चलाकर गाड़ी से उतरने का प्रयास करने लगा तो किशन तिवारी गाड़ी सुर्खी टैंक के अंदर ले जाकर कुछ देर रूक कर वही पड़ा पत्थर उठाकर शिवरतन के सर में जोर से मारा जिससे शिवरतन मर गया। शिवरतन की हत्या करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से दोनो संदेहियों द्वारा ग्राम उबरा अजीत गुप्ता के खेत के मेड़ के पास गड्ढा खोदकर गड़ा दिये है। दोनो संदेहियो के बताये अनुसार मेमोरेण्डम तैयार कर ग्राम उबरा गुरुकुल स्कूल के सामने अजीत गुप्ता के बने खेत में बने घर के पीछे मेड़ के पास पहुंच कर मौके पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री नरेन्द्र खरे की उपस्थित में गड्डा खोदकर देखने पर एक मानव शव उम्र करीबन 37-38 वर्ष का मिलने पर शव को बाहर निकाल तथा मौके पर शव के परिजनों द्वारा उक्त मानव के शव को शिवरतन ठाकरे की रूप में पहचान की गई।
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